ये झुल्फें

 ये झुल्फें, ये बादली सी बिखरी हुई हैं,

तुम्हारे चेहरे को छूने को बेकरार हैं।

इन झुल्फों में चुपी हुई ख़्वाहिशें हैं,

तुम्हें झपकी देने को बेकरार हैं।


इन झुल्फों की महक, मेरे दिल को चूमती हैं,

तुम्हारे आगे ये आँखें झूमती हैं।

इन झुल्फों की लहर, मेरे ख्वाबों को बहाती हैं,

तुम्हें झुमकी पहनाने को बेकरार हैं।


ये झुल्फें तेरे चेहरे को सजाती हैं,

तुम्हें गले से लगाने को बेकरार हैं।

इन झुल्फों में उतरे हुए तारे हैं,

तुम्हें चूमने को बेकरार हैं।

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