जब मैं नहीं रहूंगा
जब मैं नहीं रहूंगा, तब तुम क्या करोगे, मेरी ख्वाहिशों को अपने दिल में छोड़ोगे ? मेरी आवाज़ सुनने को तरसोगे ? या मेरी यादों में खो जाओगे ? जब मैं नहीं रहूंगा, तब तुम क्या सोचोगे ? मेरे बिना जीने की कठिनाईयों से जूझोगे ? मेरी कमी को महसूस करोगे ? या मेरे ख्वाबों को देखकर अचंभित होंगे ? जब मैं नहीं रहूंगा, तब तुम क्या जी पाओगे ? मेरे साथ बिताए हर पल को याद करोगे ? या मेरी तरह मुस्काने छिपाओगे ? क्यों तुम मुझे याद करोगे ? ये दिल पूछता है, हम रहे या न रहे,क्या फर्क पड़ता है। तेरे लिए एक अनजान हूँ मै, जब भी तू मेरे ख्यालों में हो, याद करके रोऊँगा।